Group

आपको घूमने-फिरने से कौन रोकते हैं? – Obstacles to the way of travel?

एक बड़ा दिलचस्प सवाल बड़े ट्रेवल ग्रुप में आजकल आग लगाए हुए है और सवाल है – आपको घूमने-फिरने से कौन रोकते हैं? मतलब वो कौन सी चीजें हैं जो आपको घूमने-फिरने (घुमक्कड़ी) से रोकती हैं?

1)- रुपये (Money)

2)- समय (Time)

3)- हिचकिचाहट (Hesitation)

4)- पारिवारिक जिम्मेदारी (Family Responsibility)

5)- सहयात्री (Travel Partner)

6)- जानकारी और ज्ञान (Information and Knowledge)

इसे थोडा विस्तार से देखें.

1)- रुपये (Money)

हाँ, थोड़ी परेशानी नंबर 1 से होती ही है. रूपये की कमी तो है, पर उसे भी हावी नहीं होने देता. सनक में ही अगर आपका जीवन बसा हो, तो फिर रुपया-पैसा क्या चीज है. छोटे से वेतन में घुमने के लिए, कम बजट में घुमने के तरीके धीरे-धीरे सीख रहा हूँ, अब तो यह परेशानी भी परेशान नहीं कर पा रही. मेरी मानिये, घुमने-फिरने के लिए बैंक बलेन्स का होना जरूरी नहीं, कम खर्चे में भी घुमा जा सकता है. बस निकलने की हिम्मत कीजिए.

2)- समय (Time)

नौकरी पेशा, नौकर हूँ.  न होली की छुट्टी होती है, और न दीपावली की. फिर भी घुमक्कड़ी एक जूनून बन चूका है. सारी घुमक्कड़ी खुद की छुट्टियां लेकर करता हूँ. पर कर डालता हूँ, छुट्टियों को रखकर वैसे भी आचार न डालना. जो लोग व्यवसाय या बिजनस में हैं उनका तो अपना ही एक बहाना होता है – समय नहीं है, जैसे सारी दुनिया बस वही चला रहें हों. अब ये बताओ की जब आप खुद बीमार पड़ते हो, कहीं शादी-व्याह में जाते हो तो कैसे व्यापार से मुक्त रहते हो चंद दिनों? वैसे ही अपने लिए भी कुछ दिन निकालो.

3)- हिचकिचाहट (Hesitation)

हिचकिचाहट किस चिड़िया का नाम है, यह तो नहीं पता. पर निकलने वाले दिन बार-बार वाशरूम जरूर जाता हूँ. एक अनजाना सा डर होता है, दिलोदिमाग के किसी कोने में, शायद कोई फोबिया हो मालूम नहीं.

4)- पारिवारिक जिम्मेदारी (Family Responsibility)

पारिवारिक जिम्मेदारी किसके पास नहीं है? इससे भागना हो, तो फिर कमंडल लेकर निकल लो हिमालय की ओर और सन्यास ले लो. परिवार मतलब कोई काले पानी वाला सर्कुलर जेल थोड़े न होता है. जिम्मेदारी है तो क्या अपनी मौज पर, अपने पहनावे पर, पार्टी-शादियों में सम्मिलित होने के लिए और अपनी उल्टी-सीधी लतों पर खर्च नहीं करते क्या?
करते ही हो…
तो फिर घूमने को भी जिन्दगी का एक हिस्सा बना लो, जिन्दगी और खुशनुमा हो महक उठेगी. पारिवारिक जिम्मेदारी के साथ जो संतुलन बना चल सके वही असली योद्धा है, शूरवीर है.

5)- सहयात्री (Travel Partner)

सहयात्री की जरूरत शायद ही कभी पड़ी. अब तक की ज्यादातर यात्रायें परिवार के साथ ही की और सच मानिए इंजॉय करता हूँ, अपने-अपनों का साथ. परिवार के साथ की गई यात्राएँ आपको एक दुसरे के और नजदीक लेकर आती है. एक दुसरे के व्यक्तित्व के कई छुपे हुए अनजान पहलुओं से रूबरू कराती है.

इसके बावजूद भी आप खुद निकल नहीं सकते इतनी हिम्मत नहीं तो फिर किसी का साथ पकड़ लो, किसी ग्रुप में घुमने वालों को ज्वाइन कर लो या आज कई लोग बेहद कम बजट में भी घुमा रहे हैं, उनके साथ हो लो.

6)- जानकारी और ज्ञान (Information and Knowledge)

जानकारी और ज्ञान तो गुनीजनो से मिल ही जाता है, बस लेने वाले का पात्र खाली और ग्रहण करने की इच्छा होनी चाहिए. किसी घुमक्कड़ या जानकार की सहायता लीजिए, एक ट्रिप प्लान कीजिए और अपने सपनो को बस सपनों में मत रहने दीजिए, जीना शुरू कीजिए. आपको ऐसी ही जानकारी देने के प्रयास है यायावर एक ट्रेवलर.

अगर आपको मेरे यात्रा वृतांत पसंद आते हैं और मेरे साथ मानसिक यायावरी करना चाहते हैं तो वेबपेज को सब्सक्राइब करना ना भूलें. आप फेसबुक पर “यायावर एक ट्रेवलर”ट्विटर और इन्स्टाग्राम के माध्यम से भी जुड सकते हैं. ताकी नए यात्रा वृत्तांत और फोटों आप तक बिना देर पहुँचते रहें.

(Visited 251 times, 1 visits today)

4 thoughts on “आपको घूमने-फिरने से कौन रोकते हैं? – Obstacles to the way of travel?”

  1. I really like the title and the content of this blog. You have tried to tackle with one of the most important aspects of travel. Hope it helps people in terms of overcoming obstacles and traveling more.

    1. मुरली जी, दुनिया में हर चीज़ का इलाज है, बस आंखें खोलकर देखने की जरूरत होती है.

      जहाँ तक नंबर 1 की बात है, तो घुमने के लिए सस्ता विकल्प भी मौजूद है, थोड़ा अनुभव आपने मेरे साथ गुवाहटी में किया है.

      नंबर 4, पारिवारिक जिम्मेदारी सबके पास है, तो क्या शादियों, बारातियों में शामिल नहीं होते क्या? उस व्यक्त पारिवारिक जिम्मेदारी का क्या करते हैं? एडजस्ट करते हैं न? बस उसी तरह जिन्दगी में हर जगह एडजस्ट करना पड़ता है. और यात्राएं आपको यही सिखाती हैं – एडजस्टमेंट

Leave a Reply