दार्जलिंग और सिक्किम यात्रा – भाग 5

छंगू झील (Tsomgo Lake) और बाबा हरभजन सिंह मन्दिर  दिनांक 31.05.2018 सुबह उठकर हमलोग जल्दी-जल्दी नित्य-क्रिया से निवृत होकर छंगू झील (Tsomgo Lake) और बाबा हरभजन सिंह मन्दिर जाने की तैयारी में लग गए | श्रीमतिजी और उनकी बहनजी का सबसे ज्यादा समय बच्चों के मनौव्वल में ही लग रहा था | कोई बिस्तर छोड़ने […]

सिक्किम कैसे पहुँचे (How to reach Gangtok, Sikkim)

सिक्किम: मन मोहते बर्फीले पर्वत सिक्किम भारत के सुन्दरतम जगहों में से एक माना जाता है ।अगर आप अपने जीवनकाल में यहाँ नहीं गए तो आपने कुछ खोया है, इसलिए पृथ्वी से पलायन के पहले एक बार सिक्किम जरूर हो आएं । देश के पूर्वोत्तर भाग में स्थित सिक्किम दक्षिण में पश्चिम बंगाल से घिरा हुआ है […]

दार्जिलिंग और सिक्किम यात्रा – भाग 4

दार्जिलिंग से सिक्किम की यात्रा दिनांक 30.05.2018 आपलोग मेरी सुबह की सैर दार्जिलिंग हेरिटेज वाक तक साथ थे तो चलिये आगे चलें | आज यात्रा का तीसरा दिन है । हमने गंगटोक के लिये गाड़ी 4200 रूपये में होटल से ही आरक्षित करवा रखा था, पर मुझे कल ऐसा लगा कि कहीं होटल वाले हमसे गाड़ी के लिये […]

दार्जिलिंग कैसे पहुँचे (How to reach Darjeeling)

‘दार्जिलिंग’ शब्द तिब्बती भाषा के दो शब्द ‘दोर्जे‘ और ‘लिंग‘ से मिलकर बना है. ‘दोर्जे‘ का अर्थ होता है ‘ओला‘ या ‘उपल‘ और ‘लिंग‘ का अर्थ होता है ‘स्थान‘| इस तरह दार्जिलिंग का शाब्दिक अर्थ हुआ ‘उपलवृष्टि वाली जगह‘ | अंग्रेजो ने इस हिल स्‍टेशन को अपने मौज-मस्ती और सैरगाह के तौर पर विकसित किया […]

दार्जिलिंग और सिक्किम यात्रा – भाग 3

दार्जिलिंग हेरिटेज वॉक दिनांक 30.05.2018 आज यात्रा का तीसरा दिन है । मैं सुबह 6-7 बजे तक दार्जिलिंग से गंगटोक निकल जाना चाहता था, ताकि वहां पहुंचकर दिन में आसपास के स्थलों को देख सकूँ और थोड़ा समय देकर अपने बजट में होटल की खोज कर सकूं । रात हो जाने के बाद आपके पास […]

दार्जिलिंगऔर सिक्किम यात्रा – भाग 2

पहाड़ियों की रानी दार्जिलिंग की सैर सुबह 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में ही उठकर टाइगर हिल को निकल पड़े । बाहर का तापमान 11° डिग्री सेल्सियस था, शायद रात में अच्छी बारिस हुई थी । गाड़ी हमने होटल से ही बुक करवा रखा था । टाइगर हिल दार्जिलिंग आने वाले पर्यटकों और सैलानीयों के लिये […]

दार्जिलिंग और सिक्किम यात्रा – भाग 1

भागलपुर से दार्जिलिंग यात्रा  गर्मियोंकेछुट्टीयोंमेंघूमनेजानेकाकार्यक्रमबनरहाथा | कहाँजाएकहाँनहींघरमेंबसयहीचर्चाचलरहीथी| वैसेअभीलंबासमयथा, परहमारेभागलपुरकीबातहीनिरालीहै| कहींभीजानाहोअगरतीन–चारमाहपूर्वमेंट्रेनोंमेंआरक्षणनहींलियातोबसफिरभूलजायेकिआपकोपटनातकभीजानेकेलियेकिसीट्रेनमेंआरक्षणमिलेगी| प्रत्येकट्रेनमेंआनेऔरजानेवालोंकातांतालगारहताहै| खैर, हमारेख्वाबोँकोतीनमहीनेपहलेहीपंखलगनाशुरूहोगये| हमारीश्रीमतीजीभीकाफीउत्साहितऔरखुशनजरआरहींथी| वैसेआपकोबताताचलूँ, श्रीमतीजीभीकमघुम्मकडनीनहींहैं, शादीसेपहलेहीइन्होंनेतोकोलकता, पुरी, दिल्ली, आगरा, मथुरा, वृन्दावन, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी, वैष्नोदेवी, जम्मू, शिरडीऔरअंतमेंलिस्टमेंजोनामहैवोसबकेबसकीबाततोबिल्कुलभीनहींऔरवोहैअमरनाथयात्रा, करचुकींहैं| हमारापूरीऔरभुवनेश्वरजानेकाकार्यक्रमआरक्षणनहींमिलपानेकीवजहसेजाड़ेमेंटलचुकीथी।इसीबीचमैंनेतयकरलियाकिपहलेअपनेआसपासस्थितस्थलोंकीयात्राकरूँगा, बजायलंबीयात्राके।इसकेदोफायदेथे, पहलातोअपनेआसपासकोजाननेऔरसमझनेकामौकामिलेगाऔरदूसराछोटेबच्चोंकोलेकरलंबीयात्रापरजानेमेंपरेशानीबहुतहोतीहै।बच्चेसाढ़ेपाँचसालऔरसाढ़ेतीनसालकेहैं।लंबीयात्रामेंयेऊबजातेहैंऔरफिरउधममचाकरजीनामुश्किलकरदेतेहैं, खासकरलंबीट्रेनयात्रामेंराततोकटजातीहैपरदिनमेंयेनाकोदमकरदेतेहैं।कभीएककोऊपरकीबर्थचाहियेतोकभीखिड़कीवालीसीट, बाहरकानजारादेखनेकेलिये।एकनेनाकोदमकरखिड़कीकीसीटहथियायीनहींकीअबदूसरेकाभीरोना– धोनाशुरू।कभीकोईनीचेजारहाहैतोकभीऊपर।कभीप्यासलगीतोकभीशौचालयजानाहै, एक अभीआयानहींकीदूसरेकोभीजानाहै।सबसेबड़ीदिक्कतमुझेतबमहसूसहोतीहै, जब कोईसहयात्रीबारबारघूरकरदेखनेलगतेहैं, जो मुझेबेहदअसहजकरदेताहै।जोकिएकआमसमस्यामुझेलगतीहैवातानुकूलितडब्बेमेंयात्राकरनेमें।एकतोसन्नाटाफैलारहताहै, कोईकिसीकीओरदेखतातकनहींऔरजबछोटेनटखटशैतानसन्नाटेकोतोड़तेहैंतोफिरकुछमहानुभावकोयेगवारानहींगुजरता।इनसभीबिन्दुओंपरगौरकरनेकेबादहमनेदार्जिलिंगऔरसिक्किमकीयात्रापरजानातयकरलिया।रात्रिमेंबैठेऔरसुबह–सुबह  न्यू जालपाईगुड़ीपहुँचगये| श्रीमतिजीनेपहलेहीअपनेपिताश्रीकोहमाराकार्यक्रमबतादियाऔरवोलोगभीसाथचलनेकोतैयारहोगयेथे।मतलबहमलोगदोबच्चोंऔरमेरीमाताश्रीसहितपाँचलोगथे।अबमेरेससुरजीऔरसासुसहितहमसातलोगहोगये।टिकिटऔरआनेजानेकेकार्यक्रमबनाते– बनातेश्रीमतिजीनेअपनीननद(मेरीबहनजी, लखनऊ) औरअपनीबहनजी(जोमेरीजेठसासलगेंगी, महाराष्ट्र) सेभीसाथचलनेकेलियेपूछलिया।मेरीबहनजीनेसाफ– साफनाकरदियाऔरश्रीमतीजीकीबहनजीसाथजानेकोझटसेतैयारहोगयी।लेकिनवोबिनापतिकेहीसाथचलेंगी, उनकेदोनोंबच्चेऔरमेरेबच्चेहमउम्रहीहैं।अबतीनलोगऔरबढ़गयेऔरहमलोगकुल6लोगऔर4बच्चेहोगये| लेकिन4 – […]

यायावर एक ट्रेवलर – Yayavar Ek Traveler

चलते रहते हैं कि चलना है मुसाफिर का नसीब, सोचते रहते हैं किस राह गुज़र के हम हैं ….   लिखना मेरे पुरानी बीमारी थी, जो परिस्तिथियों की बलि चढ़ धीरे-धीरे छूटती चली गई | मैंने 2008 के बाद शायद ही कुछ ढंग का लिखा हो | दुसरी असाध्य रोग जो मुझे है वो है […]